अथर्ववेद (कांड 16) अथर्ववेद: 16.7.13 | सूक्त: 7 स मा जी॑वी॒त्तंप्रा॒णो ज॑हातु ॥ (१३)वह प्राणहीन हो जाए, वह जीवित न रहे. (१३) Let him become lifeless, he should not survive. (13)