अथर्ववेद (कांड 16) अथर्ववेद: 16.8.3 | सूक्त: 8 स ग्राह्याः॑पाशा॒न्मा मो॑चि ॥ (३)वह रोग के पाशों से न छूट सके. (३) He cannot get rid of the loops of the disease. (3)