अथर्ववेद (कांड 16)
तस्ये॒दंवर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि ॥ (४)
उस के तेज, बल, प्राण और आयु को मैं घेरता हूं. मैं इसे नीचे गिराता हूं. (४)
I surround his glory, strength, life and age. I knock it down. (4)
कांड 16 → सूक्त 8 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation