हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 18.3.69

कांड 18 → सूक्त 3 → मंत्र 69 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 18)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
यास्ते॑ धा॒नाअ॑नुकि॒रामि॑ ति॒लमि॑श्राः स्व॒धाव॑तीः । तास्ते॑ सन्तु वि॒भ्वीःप्र॒भ्वीस्तास्ते॑ य॒मो राजानु॑ मन्यताम् ॥ (६९)
हे प्रेत! मैं तेरे लिए जो तिल से युक्त स्वधान वाले भुने जौ दे रहा हूं. वे तेरे लिए तृप्ति करने वाले हों. यमराज तुझे इन तिलों के उपयोग का आदेश प्रदान करें. (६९)
O ghost! I am giving you roasted barley with sesame seeds. May they be satisfying for you. May Yamraj order you to use these sesame seeds. (69)