अथर्ववेद (कांड 19)
द्वि॒तीये॑भ्यः श॒ङ्खेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (९)
द्वितीय शंख नाम के ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (९)
This sacrifice should be well received for the sages named the second conch. (9)
कांड 19 → सूक्त 22 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation