अथर्ववेद (कांड 19)
त्रीन्नाकां॒स्त्रीन्स॑मु॒द्रांस्त्रीन्ब्र॒ध्नांस्त्रीन्वै॑ष्ट॒पान् । त्रीन्मा॑त॒रिश्व॑न॒स्त्रीन्त्सूर्या॑न्गो॒प्तॄन्क॑ल्पयामि ते ॥ (४)
हे हिरण्य! रजत और लोहे की तीन प्रकार की मणि धारण करने वाले पुरुष! मैं तीन आकाशों, तीन समुद्रों, तीन आदित्यों, तीन भुवनों, तीन वायुओं तथा तीन स्वर्गो को तेरा रक्षक नियुक्त करता हूं. (४)
O Hiranya! Men wearing three types of silver and iron gems! I appoint three heavens, three seas, three adityas, three bhuvanas, three airs and three heavens as your protectors. (4)