हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 19.31.3

कांड 19 → सूक्त 31 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 19)

अथर्ववेद: | सूक्त: 31
क॑री॒षिणीं॒ फल॑वतीं स्व॒धामिरां॑ च नो गृ॒हे । औदु॑म्बरस्य॒ तेज॑सा धा॒ता पु॒ष्टिं द॑धातु मे ॥ (३)
विधाता देव गूलर की मणि के तेज के द्वारा मेरे शरीर की पुष्टि करें तथा मेरे घर में अन्न तथा गोबर करने वाली गाएं प्रदान करें. (३)
Please confirm my body with the glory of the gem of Vidhata Dev Sycamore and provide food and cow dung songs in my house. (3)