अथर्ववेद (कांड 19)
रात्रि॒ मात॑रु॒षसे॑ नः॒ परि॑ देहि । उ॒षो नो॒ अह्ने॒ परि॑ ददा॒त्वह॒स्तुभ्यं॑ विभावरि ॥ (२)
हे माता रात्रि! हमें उषाःकाल को प्रदान करो तथा उषाःकाल हमें दिन को प्रदान करे. हे रात्रि! दिन हमें तुम को प्रदान करें. (२)
O Mother night! Give us the dawn and give us the day. O night! Day provide us to you. (2)