हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 19.6.11

कांड 19 → सूक्त 6 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 19)

अथर्ववेद: | सूक्त: 6
तं य॒ज्ञं प्रा॒वृषा॒ प्रौक्ष॒न्पुरु॑षं जा॒तम॑ग्र॒शः । तेन॑ दे॒वा अ॑यजन्त सा॒ध्या वस॑वश्च॒ ये ॥ (११)
सृष्टि के आरंभ में उत्पन्न उस यज्ञीय पशु अथवा पुरुष को वर्षा ऋतु के द्वारा धोया गया. उस पुरुष के द्वारा साध्य और वसु नाम वाले देवों ने यज्ञ किया. (११)
The sacrificial animal or man born at the beginning of creation was washed by the rainy season. Through that man, the gods named Sadhya and Vasu performed yagna. (11)