हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 2.17.7

कांड 2 → सूक्त 17 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 2)

अथर्ववेद: | सूक्त: 17
प॑रि॒पाण॑मसि परि॒पाणं॑ मे दाः॒ स्वाहा॑ ॥ (७)
हे अग्नि देव! तुम सभी प्रकार से पालन करने वाले हो, इसीलिए मेरा पालन करो. यह हवि भलीभांति हवन किया हुआ हो. (७)
O God of Agni! You are going to follow in all ways, that's why follow me. This havi is well done havan. (7)