अथर्ववेद (कांड 20)
ए॒ष इ॒षाय॑ मामहे श॒तं नि॒ष्कान्दश॒ स्रजः॑ । त्रीणि॑ श॒तान्यर्व॑तां स॒हस्रा॒ दश॒ गोना॑म् ॥ (३)
अन्न प्राप्ति के निमित्त मैं निष्क नाम की सौ स्वर्ण मुद्राएं, तीन सौ घोड़े, दस हजार गाएं और दस मालाएं देता हूं. (३)
For the sake of getting food, I give hundred gold coins named Nishka, three hundred horses, ten thousand cows and ten garlands. (3)