हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.129.2

कांड 20 → सूक्त 129 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 129
प्र॑ती॒पं प्राति॑ सु॒त्वन॑म् ॥ (२)
खुवा प्रतीप को संपन्न करता है. (२)
Khuva endows the pratip. (2)