अथर्ववेद (कांड 20) अथर्ववेद: 20.129.5 | सूक्त: 129 सा॒धुं पु॒त्रं हि॑र॒ण्यय॑म् ॥ (५) हे पुत्र! साधु को स्वर्ण दो. (५) O son! Give gold to the monk. (5)