अथर्ववेद (कांड 20) अथर्ववेद: 20.129.7 | सूक्त: 129 यत्रा॒मूस्तिस्रः॑ शिंश॒पाः ॥ (७) इस स्थान पर तीन शिंशिपा वृक्ष हैं. (७) There are three Shinshipa trees at this place. (7)