अथर्ववेद (कांड 20)
बृह॒स्पति॒रम॑त॒ हि त्यदा॑सां॒ नाम॑ स्व॒रीणां॒ सद॑ने॒ गुहा॒ यत् । आ॒ण्डेव॑ भि॒त्त्वा श॑कु॒नस्य॒ गर्भ॒मुदु॒स्रियाः॒ पर्व॑तस्य॒ त्मना॑जत् ॥ (७)
बृहस्पति देव ने पर्वत में छिपाई हुई गायों को शिला हटा कर उसी प्रकार देख लिया, जिस प्रकार जल कम हो जाने पर मनुष्य उस में रहने वाली मछलियों को देख लेते हैं. जिस प्रकार वृक्ष से चमस बाहर निकाला जाता है, उसी प्रकार बृहस्पति देव ने गायों को छिपाने वाले बल असुर को मार कर गायों को बाहर निकाला था. (७)
Jupiter Dev removed the rocks of the hidden cows in the mountain and saw them in the same way, just as when the water decreases, humans see the fish living in it. Just as chamas is taken out of the tree, in the same way, Jupiter Dev killed the asura who hid the cows and took the cows out. (7)