अथर्ववेद (कांड 20)
अप॒ त्ये ता॒यवो॑ यथा॒ नक्ष॑त्रा यन्त्य॒क्तुभिः॑ । सूरा॑य वि॒श्वच॑क्षसे ॥ (१४)
जिस प्रकार रात के बीतते ही चोर भाग जाते हैं, उसी प्रकार सूर्य के उदय होते ही आकाश से तारे भाग जाते हैं. (१४)
Just as thieves run away as soon as the night passes, so the stars run away from the sky as soon as the sun rises. (14)