हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.47.21

कांड 20 → सूक्त 47 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 47
अयु॑क्त स॒प्त शु॒न्ध्युवः॒ सूरो॒ रथ॑स्य न॒प्त्य: । ताभि॑र्याति॒ स्वयु॑क्तिभिः ॥ (२१)
इंद्र ने सात घोड़ों को अपने रथ में जोड़ा है. घोड़े इंद्र की इच्छा के अनुसार अपने ढंग से आगे बढ़ते हैं. (२१)
Indra has added seven horses to his chariot. Horses move in their own way according to Indra's wishes. (21)