अथर्ववेद (कांड 20)
आदह॑ स्व॒धामनु॒ पुन॑र्गर्भ॒त्वमे॑रि॒रे । दधा॑ना॒ नाम॑ य॒ज्ञिय॑म् ॥ (१२)
मरुद्गण हवि देने वाले की गर्भ में स्थित संतान की रक्षा करने के कारण यज्ञिय नाम धारण करते हैं. (१२)
The deserts wear the name Yajnaya due to protecting the child located in the womb of the giver. (12)