हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.70.1

कांड 20 → सूक्त 70 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 70
वी॒डु चि॑दारुज॒त्नुभि॒र्गुहा॑ चिदिन्द्र॒ वह्नि॑भिः । अवि॑न्द उ॒स्रिया॒ अनु॑ ॥ (१)
हे इंद्र! तुम ने उषा काल के बाद ही अपनी ज्योति वाली शक्तियों के द्वारा गुफा में छिपे धन को प्राप्त किया था. (१)
O Indra! You received the money hidden in the cave only after the Usha period through your light powers. (1)