अथर्ववेद (कांड 3)
एमां कु॑मा॒रस्तरु॑ण॒ आ व॒त्सो जग॑ता स॒ह । एमां प॑रि॒स्रुतः॑ कु॒म्भ आ द॒ध्नः क॒लशै॑रगुः ॥ (७)
युवक पुत्र और गायों के सहित बछड़े इस शाला में आएं. टपकने वाले शहद तथा दही के कलश भी इस शाला में आएं. (७)
Young sons and calves with cows should come to this school. Dripping honey and curd urns should also come to this school. (7)