अथर्ववेद (कांड 3)
सं वो॑ गो॒ष्ठेन॑ सु॒षदा॒ सं र॒य्या सं सुभू॑त्या । अह॑र्जातस्य॒ यन्नाम॒ तेना॑ वः॒ सं सृ॑जामसि ॥ (१)
हे गायो! मैं तुम्हें सुखपूर्ण गोशाला से युक्त करता हूं तथा तुम्हें आहार रूपी धन प्रदान करता हूं. मैं तुम्हें पुत्र, पौत्र आदि संतान से युक्त करता हूं. (१)
O sing! I equip you with a happy cowshed and give you food and wealth. I ecompanies you with sons, grandsons, etc. children. (1)