अथर्ववेद (कांड 4)
तैस्त्वा॒ सर्वै॑र॒भि ष्या॑मि॒ पाशै॑रसावामुष्यायणामुष्याः पुत्र । तानु॑ ते॒ सर्वा॑ननु॒संदि॑शामि ॥ (९)
हे अमुक शत्रु, अमुक गोत्र वाले एवं अमुक के पुत्र, मैं तुझे वरुण के इन सभी पाशों से बांधता हूं. (९)
O enemy, the son of such a tribe and such, I bind you to all these loops of Varuna. (9)