हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 4.36.7

कांड 4 → सूक्त 36 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 4)

अथर्ववेद: | सूक्त: 36
न पि॑शा॒चैः सं श॑क्नोमि॒ न स्ते॒नैर्न व॑न॒र्गुभिः॑ । पि॑शा॒चास्तस्मा॑न्नश्यन्ति॒ यम॒हं ग्राम॑मावि॒शे ॥ (७)
मैं पिशाचों, चोरों और वन में रहने वाले लुटेरों से न मिलूं, मैं जिस ग्राम में प्रवेश कर के निवास करूं, उस से पिशाच भाग जाएं. (७)
I should not meet vampires, thieves and robbers living in the forest, vampires should run away from the village I enter and live in. (7)