हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.16.2

कांड 5 → सूक्त 16 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 16
यदि॑ द्विवृ॒षोऽसि॑ सृ॒जार॒सोऽसि॑ ॥ (२)
हे लवण! यदि तू दो बैलों के समान शक्तिशाली है तो इस गाय को संतान वाली बना, अन्यथा तू शक्तिहीन समझा जाएगा. (२)
O salt! If you are as powerful as two bulls, then make this cow have children, otherwise you will be considered powerless. (2)