अथर्ववेद (कांड 5)
तेऽव॒दन्प्र॑थ॒मा ब्र॑ह्मकिल्बि॒षेऽकू॑पारः सलि॒लो मा॑तरिश्वा । वी॒डुह॑रा॒स्तप॑ उ॒ग्रं म॑यो॒भूरापो॑ दे॒वीः प्र॑थम॒जा ऋ॒तस्य॑ ॥ (१)
सूर्य, वरुण, वायु, चंद्र तथा आप अर्थात् जलदेवी-ये देवता ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं. इन्होंने ब्राह्मण द्वारा अपराध करने के विषय में कहा है. (१)
Sun, Varuna, Vayu, Chandra and you i.e. Jaldevi - these gods are born from Brahma. He has said about the crime committed by brahmins. (1)