अथर्ववेद (कांड 5)
तेऽव॒दन्प्र॑थ॒मा ब्र॑ह्मकिल्बि॒षेऽकू॑पारः सलि॒लो मा॑तरिश्वा । वी॒डुह॑रा॒स्तप॑ उ॒ग्रं म॑यो॒भूरापो॑ दे॒वीः प्र॑थम॒जा ऋ॒तस्य॑ ॥ (१)
सूर्य, वरुण, वायु, चंद्र तथा आप अर्थात् जलदेवी-ये देवता ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं. इन्होंने ब्राह्मण द्वारा अपराध करने के विषय में कहा है. (१)
Sun, Varuna, Vayu, Chandra and you i.e. Jaldevi - these gods are born from Brahma. He has said about the crime committed by brahmins. (1)
अथर्ववेद (कांड 5)
सोमो॒ राजा॑ प्रथ॒मो ब्र॑ह्मजा॒यां पुनः॒ प्राय॑च्छ॒दहृ॑णीयमानः । अ॑न्वर्ति॒ता वरु॑णो मि॒त्र आ॑सीद॒ग्निर्होता॑ हस्त॒गृह्या नि॑नाय ॥ (२)
सब से पहले सोम ने ब्रह्म के लिए उस गाय को दे दिया, जिस ने उन्हें उत्पन्न किया था. उस समय वरुण और सूर्य सोम के सहयोगी बने और अग्नि उन के होता थे. (२)
First of all, Soma gave for Brahman the cow that produced him. At that time Varun and Surya became associates of Som and agni used to belong to them. (2)
अथर्ववेद (कांड 5)
हस्ते॑नै॒व ग्रा॒ह्य॑ आ॒धिर॑स्या ब्रह्मजा॒येति॒ चेदवो॑चत् । न दू॒ताय॑ प्र॒हेया॑ तस्थ ए॒षा तथा॑ रा॒ष्ट्रं गु॑पि॒तं क्ष॒त्रिय॑स्य ॥ (३)
यह हम को उत्पन्न करने वाली है, इस प्रकार जो कहे उस का संकल्प हाथ में ले. यह संकल्प लेने के लिए दूत को न भेजे. (३)
It is going to create us, thus taking the resolution of what we say in hand. Do not send messengers to take this resolution. (3)
अथर्ववेद (कांड 5)
यामा॒हुस्तार॑कै॒षा वि॑के॒शीति॑ दु॒च्छुनां॒ ग्राम॑मव॒पद्य॑मानाम् । सा ब्र॑ह्मजा॒या वि दु॑नोति रा॒ष्ट्रं यत्र॒ प्रापा॑दि श॒श उ॑ल्कु॒षीमा॑न् ॥ (४)
ग्राम की ओर बढ़ती हुई तारिका को उल्का कहते हैं. उस उल्का का अंश जहां गिरता है, उस राज्य का नाश हो जाता है. इस प्रकार ब्रह्म से उत्पन्न तारिका राज्य का नाश कर देती है. (४)
The star moving towards the village is called a meteor. Where the fraction of that meteor falls, that state is destroyed. In this way, the tarika produced by Brahman destroys the state. (4)
अथर्ववेद (कांड 5)
ब्र॑ह्मचा॒री च॑रति॒ वेवि॑ष॒द्विषः॒ स दे॒वानां॑ भव॒त्येक॒मङ्ग॑म् । तेन॑ जा॒यामन्व॑विन्द॒द्बृह॒स्पतिः॒ सोमे॑न नी॒तां जु॒ह्वं न दे॑वाः ॥ (५)
ब्रह्मचर्य देवता का अंग रूप होता है. वह ब्रह्मचर्य में रमण करता हुआ प्रजा के मध्य घूमता है. जिस प्रकार देवों ने सोम के चमस को प्राप्त किया है, उसी प्रकार बृहस्पति ने ब्रह्मचर्य के द्वारा पत्नी को पाया. (५)
Celibacy is the part of the deity. He roams among the people, delighting in celibacy. Just as the devas have attained the chamas of Soma, Jupiter found his wife through celibacy. (5)
अथर्ववेद (कांड 5)
दे॒वा वा ए॒तस्या॑मवदन्त॒ पूर्वे॑ सप्तऋ॒षय॒स्तप॑सा॒ ये नि॑षे॒दुः । भी॒मा जा॒या ब्रा॑ह्म॒णस्योप॑नीता दु॒र्धां द॑धाति पर॒मे व्यो॑मन् ॥ (६)
तपस्या में लीन रहने वाले सप्त ऋषियों ने और देवों ने ब्राह्मण जाया की चर्चा की थी कि ब्राह्मण की अपहरण की गई स्त्री स्वर्ग में भयंकर बन जाती है और अपहरण कर्ता की दुर्गति करती है. (६)
The Sapta rishis and devas, who were absorbed in penance, had discussed the Brahmin's departure that the abducted woman of the Brahmin becomes fierce in heaven and spoils the kidnapper. (6)
अथर्ववेद (कांड 5)
ये गर्भा॑ अव॒पद्य॑न्ते॒ जग॒द्यच्चा॑पलु॒प्यते॑ । वी॒रा ये तृ॒ह्यन्ते॑ मि॒थो ब्र॑ह्मजा॒या हि॑नस्ति॒ तान् ॥ (७)
जो गर्भ गिराए जाते हैं, संसार में जो उथलपुथल होती है, वीरों की परस्पर मारकाट, ये सारे कर्म ब्राह्मण की पत्नी ही करती है. (७)
The wombs that are dropped, the turmoil in the world, the mutual beating of the heroes, all these actions are done by the wife of the Brahmin. (7)
अथर्ववेद (कांड 5)
उ॒त यत्पत॑यो॒ दश॑ स्त्रि॒याः पूर्वे॒ अब्रा॑ह्मणाः । ब्र॒ह्मा चे॒द्धस्त॒मग्र॑ही॒त्स ए॒व पति॑रेक॒धा ॥ (८)
ब्राह्मण की पत्नी के पूर्व अब्राह्मण बालक चाहे दस हों, पर जो ब्राह्मण उस का पाणि ग्रहण करता है, वही उस का पति होता है. (८)
The Brahmin's wife may have ten abrahman children, but the Brahmin who receives her pani is her husband. (8)