अथर्ववेद (कांड 5)
पूर्वो॑ दुन्दुभे॒ प्र व॑दासि॒ वाचं॒ भूम्याः॑ पृ॒ष्ठे व॑द॒ रोच॑मानः । अ॑मित्रसे॒नाम॑भि॒जञ्ज॑भानो द्यु॒मद्व॑द दुन्दुभे सू॒नृता॑वत् ॥ (६)
हे दुदुंभि! तेरी ध्वनि सब से पहले निकलती है, इसलिए तू शत्रु सेना का विनाश कर तथा पृथ्वी के ऊपर सत्य वचनों का प्रचार कर. (६)
O milk! Your voice comes first, so destroy the enemy army and preach the true words on the earth. (6)