हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.22.3

कांड 5 → सूक्त 22 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 22
यः प॑रु॒षः पा॑रुषे॒योऽव॑ध्वं॒स इ॑वारु॒णः । त॒क्मानं॑ विश्वधावीर्याध॒राञ्चं॒ परा॑ सुवा ॥ (३)
हे शक्तिशाली! तुम कठोर एवं अवध्वंस के समान लाल रंग वाले ज्वर को मुझ से दूर हटाओ. (३)
O mighty! Remove the hard and pungent red fever away from me. (3)