हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.26.7

कांड 5 → सूक्त 26 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 26
विष्णु॑र्युनक्तु बहु॒धा तपां॑स्य॒स्मिन्य॒ज्ञे सु॒युजः॒ स्वाहा॑ ॥ (७)
भगवान विष्णु भलीभांति किए गए तपों का फल दें. यह आहुति विष्णु के निमित्त उत्तम हो. (७)
May Swami Vishnu give the fruits of well-done penances. This sacrifice should be best for Vishnu. (7)