हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.9.4

कांड 5 → सूक्त 9 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
अ॒न्तरि॑क्षाय॒ स्वाहा॑ ॥ (४)
अंतरिक्ष अर्थात्‌ धरती और आकाश के अधिष्ठाता देव के लिए यह हवि समर्पित है. (४)
This havi is dedicated to the god, the presiding deity of space i.e. earth and sky. (4)