हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 112
मा ज्ये॒ष्ठं व॑धीद॒यम॑ग्न ए॒षां मू॑ल॒बर्ह॑णा॒त्परि॑ पाह्येनम् । स ग्राह्याः॒ पाशा॒न्वि चृ॑त प्रजा॒नन्तुभ्यं॑ दे॒वा अनु॑ जानन्तु॒ विश्वे॑ ॥ (१)
हे अग्नि! यह वेदना इन पिता, माता, भ्राता आदि के मध्य बड़े भाई का वध न करे. तुम जड़ उखाड़ने के अर्थात्‌ बड़े भाई से पहले विवाह करने वाले दोष के कारण भी इस की रक्षा करो. हे अग्नि! तुम इस को छुड़ाने के उपाय जानते हो, इसीलिए इसे पकड़ने वाली पिशाची के बंधन से छुड़ाओ. इस के बंधन छुड़ाने के लिए सभी देव तुम्हें अनुमति दें. (१)
O agni! This pain should not kill the elder brother among these fathers, mothers, brothers etc. You should also protect it because of the defect of rooting out, that is, marrying the elder brother. O agni! You know how to get rid of it, so get rid of the bondage of the vampire that holds it. Allow all gods you to get rid of the bondage of this. (1)

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 112
उन्मु॑ञ्च॒ पाशां॒स्त्वम॑ग्न ए॒षां त्रय॑स्त्रि॒भिरुत्सि॑ता॒ येभि॒रास॑न् । स ग्राह्याः॒ पाशा॒न्वि चृ॑त प्रजा॒नन्पि॑तापु॒त्रौ मा॒तरं॑ मुञ्च॒ सर्वा॑न् ॥ (२)
हे अग्नि! माता, पिता और पुत्र को वेदना के दोष रूपी पाश बंधनों से छुड़ाओ. वेदना के दोष उत्तम, मध्यम और अधम-तीन प्रकार के हैं. हे अग्नि! तुम इस को छुड़ाने के उपाय जानते हो, इसलिए पकड़ने वाली पिशाची के बंधन की रस्सियां छुड़ाओ. इस के बंधन छुड़ाने के लिए तुम्हें सभी देव अनुमति दें. (२)
O agni! Free the mother, father and son from the loop bonds of the guilt of pain. There are three types of pain defects, good, medium and half-hearted. O agni! You know how to get rid of it, so release the ropes of the bondage of the holding vampire. Allow all the gods to redeem the bondage of this. (2)

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 112
येभिः॒ पाशैः॒ परि॑वित्तो॒ विब॒द्धोऽङ्गेअ॑ङ्ग॒ आर्पि॑त॒ उत्सि॑तश्च । वि ते मु॑च्यन्तं वि॒मुचो॒ हि सन्ति॑ भ्रूण॒घ्नि पू॑षन्दुरि॒तानि॑ मृक्ष्व ॥ (३)
बड़े भाई से पहले विवाह कराने वाला छोटा भाई जिन पाप रूप पाशों से प्रत्येक अंग में बंधा, रोगी एवं अशांत स्थिति वाला है; उस के वे पाश छूट जाएं. क्योंकि इंद्र आदि सभी देव छुड़ाने वाले हैं; हे देव! इस भ्रूण हंता को उन पापों से छुड़ाओ जो इसे बढ़े भाई से पहले विवाह करने से प्राप्त हुए हैं. (३)
The younger brother, who married before the elder brother, is tied, sick and disturbed in each part by the sinful forms of loops; Let them leave the loop. Because all gods, including Indra, are redeemers; O God! Redeem this fetal hanta from the sins it has received from marrying before the elder brother. (3)