अथर्ववेद (कांड 6)
ए॒तं भा॒गं परि॑ ददामि वि॒द्वान्विश्व॑कर्मन्प्रथम॒जा ऋ॒तस्य॑ । अ॒स्माभि॑र्द॒त्तं ज॒रसः॑ प॒रस्ता॒दच्छि॑न्नं॒ तन्तु॒मनु॒ सं त॑रेम ॥ (१)
हे विश्वकर्मा! तुम ब्राह्मण से पहले उत्पन्न हुए हो. तुम्हारे इस महत्त्व को जानता हुआ मैं अपनी रक्षा के लिए तुम्हें हवि प्रदान करता हूं. मेरे द्वारा तुम्हें दिया हुआ यह हवि मुझे वृद्धावस्था तक दीर्घ जीवन प्रदान करे और मैं अपनी संतान के मध्य जीवन व्यतीत करूं. (१)
O Vishwakarma! You were born before brahmins. Knowing this importance of yours, I give you strength to protect me. May this havi given to you by me give me a long life till old age and I live among my children. (1)