हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.129.1

कांड 6 → सूक्त 129 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 129
भगे॑न मा शांश॒पेन॑ सा॒कमिन्द्रे॑ण मे॒दिना॑ । कृ॒णोमि॑ भ॒गिनं॒ माप॑ द्रा॒न्त्वरा॑तयः ॥ (१)
मैं गाय एवं भैंस के खुरों की आकृति वाले देव के द्वारा अपनेआप को सौभाग्यशाली बनाता हूं. मैं अपनी सेवा से संतुष्ट इंद्र के द्वारा अपने को सौभाग्यशाली बनाता हूं. हमारे शत्रु हमारे समीप से दूर चले जाएं और बुरी दशा को प्राप्त हों. (१)
I make myself fortunate through a god with the shape of cow and buffalo hooves. I make myself fortunate through Indra satisfied with my service. Let our enemies move away from us and get a bad condition. (1)