अथर्ववेद (कांड 6)
यं दे॒वाः स्म॒रमसि॑ञ्चन्न॒प्स्वन्तः शोशु॑चानं स॒हाध्या । तं ते॑ तपामि॒ वरु॑णस्य॒ धर्म॑णा ॥ (१)
सभी देवों ने कामदेव को उस की पत्नी, आधि अर्थात् चिंता के साथ जल में डुबो दिया, क्योंकि वह उस के वियोग में संतप्त था. हे नारी! मैं तेरे लिए उस कामदेव को जल के स्वामी वरुण की धारण शक्ति से संतप्त करता हूं. (१)
All the gods drowned Kamadeva in water with his wife, Aadhi, i.e. anxiety, because he was suffering in his disconnection. O woman! I am for you torment that Cupid with the power of Varuna, the swami of water. (1)