हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.16.1

कांड 6 → सूक्त 16 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 16
आब॑यो॒ अना॑बयो॒ रस॑स्त उ॒ग्र आ॑बयो । आ ते॑ कर॒म्भम॑द्मसि ॥ (१)
हे रोग निवृत्ति के लिए खाई जाने वाली सरसों एवं न खाए जाने वाले सरसों के तने! तेरा रस अर्थात्‌ तेल रोग निवारण में सक्षम है. हे सरसों! हम तेरा करम्भ (साग) मंत्रों से युक्त कर के खाते हैं. (१)
O mustard seeds eaten for recovery and mustard stems that are not eaten! Your juice i.e. oil is capable of preventing diseases. O mustard! We eat with mantras full of 'Tera Karambha' (greens). (1)