अथर्ववेद (कांड 6)
वि॒हह्लो॒ नाम॑ ते पि॒ता म॒दाव॑ती॒ नाम॑ ते मा॒ता । स हि॑न॒ त्वम॑सि॒ यस्त्वमा॒त्मान॒माव॑यः ॥ (२)
हे सरसों के साग! तेरा पिता विहह्णल तथा माता मदावती नाम की है. तू अपना साग मनुष्यों को खाने के लिए दे देती है, इसलिए तू अपने मातापिता के समान नहीं रहती. (२)
O mustard greens! Your father is vihnal and mother is madavati. You give your greens to men to eat, so you are not like your parents. (2)