हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.69.2

कांड 6 → सूक्त 69 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 69
अश्वि॑ना सार॒घेण॑ मा॒ मधु॑नाङ्क्तं शुभस्पती । यथा॒ भर्ग॑स्वतीं॒ वाच॑मा॒वदा॑नि॒ जनाँ॒ अनु॑ ॥ (२)
हे सुंदर सूर्या के पति अश्चिनीकुमारो! मुझे मधुमव्खियों द्वारा एकत्र किए गए मधु से सींचो, जिस से मैं मनुष्यों को लक्ष्य कर के, मधुर वाणी बोलूं, (२)
O beautiful Surya's husband Ashchinikumaro! Water me with honey collected by bees, so that I may speak sweet voices, aiming at men, (2)