हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.7.3

कांड 6 → सूक्त 7 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
येन॑ देवा॒ असु॑राणा॒मोजां॒स्यवृ॑णीध्वम् । तेना॑ नः॒ शर्म॑ यच्छत ॥ (३)
हे देवो! तुम अपने जिस बल से शत्रुओं की शक्ति अपने में मिला लेते हो, उसी बल के द्वारा हमारे लिए सुख प्रदान करो. (३)
O God! Provide happiness for us with the same force with which you combine the power of enemies with you. (3)