अथर्ववेद (कांड 7)
यो अ॑न्ये॒द्युरु॑भय॒द्युर॒भ्येती॒मं म॒ण्डूक॑म॒भ्येत्वव्र॒तः ॥ (२)
जो ज्वर दूसरे अथवा चौथे दिन आता है, वह नियमहीन ज्वर मेढक के पास चला जाए. (२)
The fever that comes on the second or fourth day should go to the regular fever frog. (2)