हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.62.5

कांड 7 → सूक्त 62 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 62
उप॑हूता इ॒ह गाव॒ उप॑हूता अजा॒वयः॑ । अथो॒ अन्न॑स्य की॒लाल॒ उप॑हूतो गृ॒हेषु॑ नः ॥ (५)
हमारे घरों में गाएं, बकरियां और भेड़ें बुलाई जाएं. इस के अतिरिक्त हमारे घरों में अन्न का सारभूत अंश भी चाहा जाए. (५)
Cows, goats and sheep should be called to our homes. Apart from this, a substantial portion of food should also be sought in our homes. (5)