हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.91.1

कांड 7 → सूक्त 91 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 91
त्रा॒तार॒मिन्द्र॑मवि॒तार॒मिन्द्रं॒ हवे॑हवे सु॒हवं॒ शूर॒मिन्द्र॑म् । हु॒वे नु॑ श॒क्रं पु॑रुहू॒तमिन्द्रं॑ स्व॒स्ति न॒ इन्द्रो॑ म॒घवा॑न्कृणोतु ॥ (१)
हम त्राण एवं रक्षा करने वाले इंद्र का आह्वान करते हैं. हम अपने आह्वानों के द्वारा शूर इंद्र को बुलाते हैं. हम शक्तिशाली एवं पुरुहूत इंद्र को बुलाते हैं. शक्तिशाली इंद्र हमें स्वास्थ्य प्रदान करें. (१)
We call upon Indra, who protects and protects. We call Shur Indra through our calls. We call the powerful and purulent Indra. May the powerful Indra give us health. (1)