अथर्ववेद (कांड 8)
तां वसु॑रुचिः सौर्यवर्च॒सोधो॒क्तां पुण्य॑मे॒व ग॒न्धम॑धोक् ॥ (७)
सूर्यवर्चस के पुत्र वसुरुचि ने उस का दोहन किया और पुण्यगंध को ही दुहा. (७)
Vasuruchi, the son of Suryavarchas, exploited him and called punyagandha. (7)
कांड 8 → सूक्त 10 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation