हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.10.9

कांड 8 → सूक्त 10 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
सोद॑क्राम॒त्सेत॑रज॒नानाग॑च्छ॒त्तामि॑तरज॒ना उपा॑ह्वयन्त॒ तिरो॑ध॒ एहीति॑ ॥ (९)
उस विराट्‌ ने उत्क्रमण किया और वह अन्य जनों के समीप गया. अन्य जनों ने उस का आह्वान करते हुए कहा-“हे तिरोधा, आओ.” (९)
That virat reversed and he went near other people. Others called on him and said, "O Tiroda, come." (9)