अथर्ववेद (कांड 8)
व॑रा॒हो वे॑द वी॒रुधं॑ नकु॒लो वे॑द भेष॒जीम् । स॒र्पा ग॑न्ध॒र्वा या वि॒दुस्ता अ॒स्मा अव॑से हुवे ॥ (२३)
सुअर जिन वृक्षों को जानता है और नेवला जिन जड़ीबूटियों से परिचित है तथा सांप और गंधर्व जिन्हें जानते हैं, उन जड़ीबूटियों को मैं इस रोगी पुरुष की रक्षा के लिए बुलाता हूं. (२३)
I call the trees that the pig knows and the herbs that the mongoose is familiar with and the snakes and Gandharvas know, to protect this patient man. (23)