अथर्ववेद (कांड 9)
भ॒सदा॑सीदादि॒त्यानां॒ श्रोणी॑ आस्तां॒ बृह॒स्पतेः॑ । पुच्छं॒ वात॑स्य दे॒वस्य॒ तेन॑ धूनो॒त्योष॑धीः ॥ (१३)
बैल की कमर आदित्यों की, पीठ बृहस्पति की तथा पूंछ वायु देव की है. उसी से यह जड़ीबूटियों को कंपित करता है. (१३)
The bull's waist is of Adityas, the back of Jupiter and the tail of Vayu Dev. With that, it vibrates the herbs. (13)