हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.4.20

कांड 9 → सूक्त 4 → मंत्र 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 4
गावः॑ सन्तु प्र॒जाः स॒न्त्वथो॑ अस्तु तनूब॒लम् । तत्सर्व॒मनु॑ मन्यन्तां दे॒वा ऋ॑षभदा॒यिने॑ ॥ (२०)
गाएं हों, संतानें हों तथा शरीर में शक्ति हो. बैल का दान करने वाले के लिए देवगण यह सब प्रदान करें. (२०)
There should be cows, children and strength in the body. May the gods provide all this for the one who donates the bull. (20)