अथर्ववेद (कांड 9)
आ॒त्मानं॑ पि॒तरं॑ पु॒त्रं पौत्रं॑ पिताम॒हम् । जा॒यां जनि॑त्रीं मा॒तरं॒ ये प्रि॒यास्तानुप॑ ह्वये ॥ (३०)
मैं अपनेआप को, पिता को, पुत्र को, पौत्र को, बाबा को, पत्नी तथा जन्म देने वाली माता को एवं समस्त प्रियजनों को बुलाता हूं. (३०)
I call myself, father, son, grandson, baba, wife and mother who gave birth and all loved ones. (30)