अथर्ववेद (कांड 9)
अ॑नुपू॒र्वव॑त्सां धे॒नुम॑न॒ड्वाह॑मुप॒बर्ह॑णम् । वासो॒ हिर॑ण्यं द॒त्त्वा ते य॑न्ति॒ दिव॑मुत्त॒माम् ॥ (२९)
जो स्वर्ण के तारों से कट़े हुए वस्त्रों सहित उपबर्हण अर्थात् गर्भाधान समर्थ बैल और प्रतिवर्ष बछड़ा देने वाली गाय का दान करते हैं, वे उत्तम स्वर्ग में जाते हैं. (२९)
Those who donate upbarhan i.e. insemination able bull and cow giving calf every year with clothes cut from gold wires, they go to the best heaven. (29)