हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.124.13

मंडल 1 → सूक्त 124 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 124
अस्तो॑ढ्वं स्तोम्या॒ ब्रह्म॑णा॒ मेऽवी॑वृधध्वमुश॒तीरु॑षासः । यु॒ष्माकं॑ देवी॒रव॑सा सनेम सह॒स्रिणं॑ च श॒तिनं॑ च॒ वाज॑म् ॥ (१३)
हे स्तुति योग्य उषाओ! मेरे मंत्र तुम्हारी स्तुति करें. तुम हमारी उन्नति चाहती हुई हमारी वृद्धि करो. हे उषा देवियो! तुम यदि हमारी रक्षा करोगी तो हम हजारों और सैकड़ों धन प्राप्त करेंगे. (१३)
O praiseworthy! My mantras praise you. You want our progress to increase us. O Usha ladies! If you protect us, we will receive thousands and hundreds of money. (13)