हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.124.8

मंडल 1 → सूक्त 124 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 124
स्वसा॒ स्वस्रे॒ ज्याय॑स्यै॒ योनि॑मारै॒गपै॑त्यस्याः प्रति॒चक्ष्ये॑व । व्यु॒च्छन्ती॑ र॒श्मिभिः॒ सूर्य॑स्या॒ञ्ज्य॑ङ्क्ते समन॒गा इ॑व॒ व्राः ॥ (८)
निशा रूपी छोटी बहिन उषा रूपी बड़ी बहिन को अपना स्थान देकर चली जाती है. सूर्य की किरणों से अंधकार का नाश करती हुई यह उषा बिजलियों के समान संसार में प्रकाश करती है. (८)
Nisha's younger sister Usha gives her place to the elder sister of Usha and leaves. Destroying darkness by the sun's rays, this Usha shines in the world like lightning. (8)